जयपुर में अवैध पटाखा फैक्ट्री धमाका: 8 लोगों की मौत, 8 पुलिसकर्मी निलंबित
Illegal firecracker factory blast in Jaipur
Rajasthan: Illegal firecracker factory blast in Jaipur, राजस्थान की राजधानी जयपुर के खो-नागोरियान इलाके में मंगलवार को एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके में 8 लोगों की मौत हो गई. इसके बाद अब पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने खो नागोरियान इलाके में हुई अवैध पटाखा फैक्ट्री की आग की घटना को बेहद गंभीर माना है. उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए लापरवाही के आरोप में थाना अधिकारी सहित आठ पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया. मित्तल ने साफ कहा कि जन सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
थाना अधिकारी समेत आठ पुलिसकर्मी निलंबित
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर थानाधिकारी खो नागोरिया ओमप्रकाश मातवा को निलंबित किया गया. उनके साथ हेड कांस्टेबल अशोक, कांस्टेबल रामावतार, दिनेश, आसिफ, हरेन्द्र और अशोक को भी सस्पेंड कर दिया गया. घटना के तुरंत बाद पुलिस उपायुक्त पूर्व रंजीता शर्मा ने ASI अमर सिंह और हेड कांस्टेबल पप्पू राम को भी सस्पेंड किया था. अब कुल आठ पुलिसकर्मी इस कार्रवाई की जद में आ चुके हैं.
जांच के आदेश
पुलिस आयुक्त ने अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अपराध अजय सिंह को पूरी घटना की निष्पक्ष और गहन जांच सौंप दी है. एक विशेष जांच समिति गठित की गई है जो घटना के सभी पहलुओं, अधिकारियों की भूमिका और सुरक्षा नियमों के पालन की जांच करेगी. जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी.
शहर भर में छापेमारी अभियान
मित्तल ने सभी जिला पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अपने क्षेत्र में अवैध कारखाने, गोदाम, पटाखा भंडारण स्थल और जोखिम भरी गतिविधियों का विशेष सर्वे किया जाए. नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत कार्रवाई हो. थाना स्तर पर बीट अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के जरिए डोर टू डोर सर्वे कर अवैध विस्फोटक सामग्री और पटाखों के भंडारण की पहचान की जाए.
पुलिस आयुक्त ने कहा कि ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है. सुरक्षा मानकों की नियमित जांच और निगरानी बढ़ाई जाएगी. जयपुर पुलिस नागरिकों की जान और माल की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. अवैध गतिविधियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.